Screen Recording द्वारा आपके मोबाइल में जासूसी हो रही है!  18 बैंकों के ग्राहक हैं निशाने पर, ऐसे संकेत मिलने लगे हैं

स्मार्टफोन ने हमारे कई काम आसान कर दिए हैं।  ऐसे में आजकल लगभग सभी के पास स्मार्टफोन है

और वो इसमें इंटरनेट का इस्तेमाल भी कर रहे हैं.  आजकल लोग स्मार्टफोन के  जरिए नेट बैंकिंग और कई अन्य पेमेंट ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं।  

ऐसे में स्मार्टफोन में हमारी बैंकिंग डिटेल भी मौजूद होती है।  वहीं,  पिछले कुछ सालों में साइबर क्राइम की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है.  

साइबर क्रिमिनल्स और हैकर्स लोगों के डिवाइस को हैक करते हैं और यूजर्स का पर्सनल और जरूरी डेटा चुराते हैं।  इंटरनेट और

स्मार्टफोन के जरिए भी हमारी जासूसी की जा सकती है।  जासूसी के कई मामले  सामने आ चुके हैं।  कई मामलों में स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए लोगों की  जासूसी की गई है।

18 बैंकों के यूजर्स निशाने पर   रिपोर्ट के मुताबिक, Drinik Android Trojan के एक नए वर्जन का पता चला है।

यह संस्करण 18 भारतीय बैंकों के उपयोगकर्ताओं को लक्षित कर रहा है।  यह ट्रोजन यूजर्स का पर्सनल डेटा

और बैंकिंग क्रेडेंशियल चुराता है।  रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रिंकिन वायरस का यह वर्जन यूजर्स को एक फिशिंग पेज पर ले जाता है

और फिर यूजर्स का डेटा चुरा लेता है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वायरस को  बनाने वालों ने इसे एक पूर्ण विकसित एंड्रॉइड बैंकिंग ट्रोजन के रूप में  विकसित किया है।  

यह वायरस उपयोगकर्ता के फोन में प्रवेश करने के बाद स्क्रीन रिकॉर्डिंग,की-लॉगिंग, एक्सेसिबिलिटी सेवाओं और अन्य विवरणों को चुरा सकता है।

स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए जासूसी  आपको बता दें कि स्मार्टफोन की स्क्रीन को स्क्रीन रिकॉर्डिंग में रिकॉर्ड किया जा सकता है।

स्मार्टफोन की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कई तरह से की जाती है।  आप स्क्रीन रिकॉर्ड कर सकते हैं और ध्वनि के

साथ या उसके बिना स्पर्श और टैप कर सकते हैं।  इसका मतलब है कि आप जहां भी  अपने मोबाइल स्क्रीन पर टैप कर रहे हैं, हैकर्स उसे रिकॉर्ड भी कर सकते  हैं।