शादी के दिन दहेज में नहीं मिली बाइक तो गुस्से में दूल्हे ने लिया ऐसा बदला

शादी के दिन दहेज में नहीं मिली बाइक तो गुस्से में दूल्हे ने लिया ऐसा बदला

दहेज प्रथा (Dowry System) को अभिशाप माना जाता है इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने कानून भी बनाया है,

दहेज प्रथा (Dowry System) को अभिशाप माना जाता है इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने कानून भी बनाया है, 

लेकिन बावजूद इसके दहेज लोभी अपनी हरकत से बाज नहीं आते. हरदोई में दहेज लोभियों को दुल्हन ने करारा

लेकिन बावजूद इसके दहेज लोभी अपनी हरकत से बाज नहीं आते. हरदोई में दहेज लोभियों को दुल्हन ने करारा 

सबक सिखाकर मिसाल पेश की है. दरअसल, दहेज में बाइक ना मिलने पर नाराज दूल्हा दुल्हन (Dulha Dulhan) के लिए ज्वेलरी लेकर नहीं आया.

सबक सिखाकर मिसाल पेश की है. दरअसल, दहेज में बाइक ना मिलने पर नाराज दूल्हा दुल्हन (Dulha Dulhan) के लिए ज्वेलरी लेकर नहीं आया.  

बात दुल्हन पक्ष को पता चलने पर वाद-विवाद के बाद दहेज लोभी दूल्हे से दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया.

बात दुल्हन पक्ष को पता चलने पर वाद-विवाद के बाद दहेज लोभी दूल्हे से दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया.  

दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात चलती रही और मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन बात नहीं बनी.

दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात चलती रही और मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन बात नहीं बनी. 

अंत में दुल्हन के इनकार के बाद बिना दुल्हन के बारात बैरंग वापस लौट गयी.

अंत में दुल्हन के इनकार के बाद बिना दुल्हन के बारात बैरंग वापस लौट गयी.  

दहेज लोभियों को दुल्हन के करारा सबक सिखाने का यह मामला हरदोई जिले के कोतवाली हरपालपुर इलाके के एक गांव का है.

दहेज लोभियों को दुल्हन के करारा सबक सिखाने का यह मामला हरदोई जिले के कोतवाली हरपालपुर इलाके के एक गांव का है.  

दरअसल, शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के भडेली गांव निवासी संजीव चौहान पुत्र बदन सिंह की शादी हरपालपुर

दरअसल, शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के भडेली गांव निवासी संजीव चौहान पुत्र बदन सिंह की शादी हरपालपुर 

कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़की से तय हुई थी. करीब एक साल पहले तिलक की रस्म अदा हुई थी. तिलक में अपाचे बाइक तय हुई थी,

कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़की से तय हुई थी. करीब एक साल पहले तिलक की रस्म अदा हुई थी. तिलक में अपाचे बाइक तय हुई थी,  

जिसमें कन्या पक्ष गरीबी के चलते अपाचे बाइक नहीं दे पाया. जिसके चलते  मंगलवार की शाम आई बारात कन्या पक्ष के यहां पहुंची तो द्वारचार की रस्म  पूरी हुई.

जिसमें कन्या पक्ष गरीबी के चलते अपाचे बाइक नहीं दे पाया. जिसके चलते  मंगलवार की शाम आई बारात कन्या पक्ष के यहां पहुंची तो द्वारचार की रस्म  पूरी हुई.