चाणक्य नीति: पृथ्वी पर बोझ होते हैं ये लोग जिनमें ये गुण नहीं हैं, कहीं आप भी तो नहीं पाल रहे ये अवगुण

दया भाव न होना चाणक्य नीति के अनुसार जिन लोगों में करुणा नहीं होती वे अपने जीवन में कभी सफल नहीं हो सकते।

दूसरों का दर्द आप तभी समझ सकते हैं जब आपके अंदर करुणा हो।  आप जीवन के  किसी भी क्षेत्र में नहीं जीत सकते यदि आप में किसी के प्रति दया नहीं है।

सम्मान न करना आचार्य चाणक्य के अनुसार जितना हो सके लोगों का सम्मान करें।

सम्मान देने से आपका कद कम नहीं होगा बल्कि बढ़ेगा।  इसलिए सभी को अपने से बड़ों और छोटों का सम्मान करना चाहिए।  

साथ ही अकारण लड़ाई-झगड़ा भी नहीं करना चाहिए।  जो व्यक्ति दूसरों का सम्मान नहीं करता, उसकी बातों का समाज में कोई मूल्य नहीं है।

गुस्से पर काबू न होना आचार्य चाणक्य के अनुसार, अगर आपके जीवन से कुछ भी फेंक दिया जाना चाहिए, तो वह आपका क्रोध है।  

क्रोध नीचे लाता है और महान बुद्धिमानों को जमीन पर गिरा देता है।  गुस्से में लिया गया फैसला अक्सर पछताता है।  

गुस्सा आपको आपके परिवार से दूर रखता है, लेकिन वो लोग आपके कंधे काट कर आपका रुतबा कम कर देते हैं।

दान धर्म से पीछा छुड़ाना जीवन में देना जरूरी है।  जो मनुष्य दान में विश्वास नहीं रखता, उसका जीवन व्यर्थ है।  

इसलिए परोपकार में हमेशा अपना कदम आगे बढ़ाना चाहिए।