चाणक्य नीति: दाम्पत्य जीवन में अगर ये 3 चीजें हों तो धरती पर मिलता है स्वर्ग

Chanakya Niti:   परिवार की सुख-समृद्धि पति-पत्नी के संबंधों पर निर्भर करती है।  जब तक इसमें मिठास रहेगी तब तक

जीवन सुखी रहेगा लेकिन अगर यह बिगड़ता या कमजोर होता है तो यह तनाव और विभिन्न प्रकार की समस्याओं को जन्म देने लगता है।

शांत मन  चाणक्य कहते हैं कि शांति से हर बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।  ऐसा इसलिए है

क्योंकि जब मन शांत होता है, तो अच्छे और बुरे में अंतर करना आसान हो जाता है।  वहीं गुस्से में इंसान खुद के साथ-साथ दूसरों

को भी नुकसान पहुंचाता है।  सुखी वैवाहिक जीवन के लिए मन की शांति बहुत जरूरी है, तभी पति-पत्नी के बीच सामंजस्य बना रहता है।

समानता  जब कोई व्यक्ति अपने जीवनसाथी का उतना ही सम्मान करता है जितना वह शादी में करता है,

तो ऐसे रिश्ते कभी नहीं टूटते।  रिश्ते में अहंकार की कोई जगह नहीं होती।   तेरा-मारा से जब रिश्ता हमारे पास आता है, तो उनका टूटना स्वाभाविक है।

संतुष्ट  घर को स्वर्ग बनाने की पहली सीढ़ी है संतोष।  जो मिला है वह काफी है।  दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए यह घर रामबाण है।

परिवार चलाने के लिए पैसों का प्रबंधन जरूरी है, इसका मतलब यह नहीं है कि हम एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा नहीं करते हैं।

बेवजह के खर्चे और मांगें रिश्तों में खटास पैदा करती हैं, इसलिए खुद को उसी के अनुसार एडजस्ट करें।