सच्चा मित्र कौन है और किससे दूरी रखनी चाहिए,  जानिए क्या कहती है चाणक्य निति

कौन है आपका सच्चा मित्र  व्याधितस्यौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मृतस्य च ।।

चाणक्य नीति के इस श्लोक के अनुसार विदेश में रहने वाले व्यक्ति के लिए उसका सच्चा मित्र विद्या होता है।

पत्नी घर की हर बात, सुख-दुख बांटने की सहेली होती है।  चिकित्सा रोगी का मित्र है और धर्म मृत्यु के बाद मित्र है।  

इसलिए किसी भी परिस्थिति में सीखना चाहिए, पति-पत्नी के बीच संबंध हमेशा अच्छे होने चाहिए।  

स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए और हमेशा धर्म का पालन करना चाहिए।

मित्र से न साझा करें ये बातें  इस श्लोक के माध्यम से आचार्य चाणक्य यह बताना चाहते हैं कि कभी भी किसी बुरे मित्र पर

विश्वास नहीं करना चाहिए और अपने मित्र से भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी छिपानी चाहिए।  

ऐसा इसलिए क्योंकि वह दोस्त नाराज होकर कभी भी आपके राज़ दूसरों को बता सकता है।  

तो अपने दोस्त के साथ वही जानकारी साझा करें जो किसी भी स्थिति में आपके लिए कोई समस्या नहीं होगी।