महिलाओं के चरित्र के बारे में जानने का यह है आसान तरीका, कभी नहीं खाओगे धोखा

आचार्य का मानना था कि चरित्र ही वास्तविक धन है।  यदि ऐसा न हो तो मनुष्य पर कुछ भी शेष नहीं रहता।  

इसलिए अपने चरित्र की रक्षा करो जैसे एक व्यापारी धन की रक्षा करता है।  चरित्रहीन व्यक्ति स्वार्थी हो जाता है,

झूठ बोलने लगता है, धन का अपव्यय करता है और धीरे-धीरे स्वयं को नष्ट कर लेता है।   

आचार्य ने कहा कि यदि जीवन की सच्चाई को समझना है तो योगी बनो, भोगी नहीं।  

विलासिता की आदत आपके भीतर लालच को जन्म देती है और आपको जीवन की वास्तविकता से दूर ले जाती है।

जबकि योगी सब कुछ खोकर भी सुख से रहता है, अनुशासन से रहता है, धैर्य और संयम से अपने कार्यों को पूरा करता है और बहुत नाम और

प्रसिद्धि अर्जित करने के बाद भी उन्हें अपने ऊपर हावी नहीं होने देता।   ऐसे व्यक्ति का व्यक्तित्व बहुत ही महान और विशाल हो जाता है।

स्त्री के बारे में आचार्य ने कहा कि स्त्री के सौंदर्य से अधिक महत्वपूर्ण स्त्री के गुण हैं, क्योंकि यह सब कुछ बिगाड़ सकता है।  

इसलिए हमेशा शादी से पहले उसके गुणों को देखें और तभी शादी करें जब वह स्वेच्छा से इसके लिए राजी हो।

चाणक्य कहते हैं कि अगर कोई स्त्री आपसे इतना प्यार करती है, आपकी परवाह करती है तो आपको उसे कभी नहीं छोड़ना चाहिए।  

भविष्य में यदि वह स्त्री लड़े भी तो उसका साथ न छोड़ें क्योंकि वह सदैव आपकी चिंता में रहेगी।   

देखें कि आप जिस महिला से शादी करने जा रहे हैं, वह धर्म में आस्था रखती है  या नहीं।  ऐसी स्त्री आपका कभी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी और आपके परिवार का  भला करेगी।