ये चार चीजें इंसानों में जानवर जैसी होती हैं ,बदली नहीं तो जिंदगी बर्बाद कर देंगी

Chanakya Niti For Animals:   आचार्य चाणक्य एक महान रणनीतिकार, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे।  चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य

ने जीवन में कई ऐसी बातों का जिक्र किया है जिनका हर इंसान को पालन करना चाहिए।  इससे व्यक्ति जीवन

में सफलता प्राप्त कर सकता है।  आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में कहा है कि यदि व्यक्ति ज्ञान से रहित है तो वह पशु के समान है।

आचार्य चाणक्य ने कहा है कि इंसान और जानवर चार गुणों को साझा करते हैं।   लेकिन एक खूबी है जो इसे बेहतरीन बनाती है।  आइए जानते हैं इसके बारे में।

चाणक्य नीति का श्लोक  आहारनिद्राभयमैथुनानिसमानि। चैतानि नृणां पशूनाम्।। ज्ञानं नराणामधिको विशेषो। ज्ञानेन हीनाः पशुभिः समानाः।।

चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने कहा है कि मनुष्य और पशुओं में भोजन, निद्रा, भय और समागम जैसे गुण समान हैं।

मनुष्य का ज्ञान अर्जन का विशेष गुण उसे पशुओं से अलग करता है।  जिस मनुष्य के पास ज्ञान नहीं है वह पशु के समान है।

ये चार गुण इंसानों-पशुओं में हैं समान  आचार्य चाणक्य ने कहा है कि मनुष्य और पशु दोनों भूखे हैं, इसलिए उन्हें भोजन की आवश्यकता है।

इसके अलावा दोनों को नींद की जरूरत होती है।  इंसान और जानवर दोनों ही चीजों से डरते हैं।  इंसान और जानवर दोनों मिलजुल कर रहते हैं।

ऐसा इंसान होता है जानवर के जैसा  चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने कहा है कि मनुष्य का ज्ञान प्राप्त करने का गुण उसे पशुओं से श्रेष्ठ बनाता है।

लेकिन अगर मनुष्य ज्ञान प्राप्त नहीं करता है और इस तरह अपना जीवन व्यतीत करता है, तो वह एक पशु के समान है।