ऐसे लोगों पर अक्सर होता है अत्याचार, जल्द करें खुद में ये बदलाव

चाणक्य की नीतियां धर्म और ज्ञान के अधार पर ये बताती है कि क्या सही है और क्या गलत.

आचार्य चाणक्य की बताई नीतियां और विचार भले ही थोड़े कठोर लगते हों लेकिन

ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है और इसी व्यवहारिकता की वजह से इनकी आज भी चर्चा होती है.

नीति शास्त्र में बताई बातों का पालन करने से व्यक्ति जरूर सफल होने के साथ-साथ

समाज में मान-सम्मान पा सकता है.  आचार्य चाणक्य ने अपने नीति ग्रंथ के सातवें अध्याय के बारहवें

श्लोक में बताया है कि किस तरह के लोग हमेशा परेशान रहते हैं.किन्हें हमेशा सताया जाता है.

चाणक्य के अनुसार जो लोग सीधे-साधे होते हैं या फिर जिनका स्वभाव सरल होता है उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है.

आचार्य चाणक्य इस श्लोक में कहते हैं कि मनुष्य को अधिक सीधा नहीं होना चाहिए.चाणक्य ने

यहां इंसान की तुला पेड़ों से करते हुए कहा है कि जिन लोगों का स्वभाव बहुत सरल यानी सीधा-साधा है,

उन्हें हमेशा सताया जाता है, क्योंकि जंगल में उन्हीं पेड़ों को सबसे पहले काटा जाता है जो सीधे होते हैं.