कोई बाल भी बांका नहीं कर पाएगा, बुरे वक्त में अपनाएं ये 3 तरकीब, जानिए क्या कहती है चाणक्य निति

Chanakya Niti:   आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में अच्छा समय लाना है तो सबसे पहले बुरे वक्त से लड़ना होगा।

बुरा वक्त इंसान की परीक्षा लेता है।  इस परीक्षा को पास करने वाले व्यक्ति को भविष्य में सुखद समय मिलता है।  

बुरे समय से लड़ने के लिए चाणक्य ने कई टोटके बताए हैं।  यदि इस नीति का ठीक से पालन किया जाए

तो संकट के समय एक बाल भी नहीं झड़ेगा और सफलता निश्चित होगी।  आइए जानते हैं बुरे वक्त में क्या करना चाहिए।

धैर्य है शक्ति  डर इंसान को कमजोर बना देता है और धीरे-धीरे यह हमारे जीवन पर हावी हो जाता है।  

चाणक्य कहते हैं कि जीवन में बुरा समय आने पर घबराना नहीं चाहिए।  भयभीत व्यक्ति सफल नहीं हो सकता।  

वह न तो खुद को बचा सकता है और न ही स्थिति को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है।  

दिन के समान रात के समान जीवन में भी बुरा समय आता है।  रात गुज़रती है तो सवेरा फिर आता है।  

कुछ समय के लिए बुरे समय की काली छाया होती है, इस समय धैर्य और संयम रखने वाले की कभी हार नहीं होती।

आत्मविश्वास न खोएं  दिमाग जीतने वाले जीत जाते हैं, दिमाग हारने वाले हार जाते हैं।  कठिन समय के लिए यह कहावत बड़ी सटीक बैठती है।  

यदि आप मन में जीतने की ठान लें तो आपको कोई नहीं हरा सकता।  यदि किसी के मन में जीत का दृढ़ संकल्प है

तो खिड़की से झांकता हुआ प्रकाश अँधेरे कमरे में भी सफलता की राह दिखा सकता है।  यदि आप मानसिक रूप से हार मान लेते हैं

तो अच्छे समय के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।  बुरे समय में आत्मविश्वास सबसे बड़ा हथियार होता है।