अगर आपके परिवार में किसी भी सदस्य को है ये लत, तो आज ही हो जाएं सतर्क

आचार्य चाणक्य द्वारा कही गई बातें जीवन के हर मामले में काम आती हैं, फिर चाहें वो सफल जीवन के लिए हो,  

मुसीबतों से बचने के लिए या फिर धनवान बनने की हो. भले ही आपको आचार्य चाणक्य की नीतियां और  

विचार थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है. भागदौड़ भरी जिंदगी में  

आप इन विचारों को नजरअंदाज ही क्यों न कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे 

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब है कि जो मनुष्य जुए में लिप्त रहता है उसके कोई भी कार्य पूरे नहीं होते, 

यानी कि ये लत खाई के समान है. जिस तरह खाई को भरने की मनुष्य कितनी भी कोशिश क्यों न कर लें लेकिन  

उसे भर पाना मनुष्य के हाथ से बाहर है. ठीक उसी तरह जुए में लिप्त मनुष्य अपने किसी भी कार्य को पूरा नहीं कर 

पाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जुए की लत भी उसी खाई के समान है जिसमें जितनी भी चीजें क्यों न डाल दें उसे भरा नहीं जा सकता.