यदि बनना चाहते हैं बुद्धिमान, तो इन चार बातों का हमेशा रखें ध्यान       

यदि बनना चाहते हैं बुद्धिमान, तो इन चार बातों का हमेशा रखें ध्यान        

आचार्य  विष्णुगुप्त जिन्हें दुनिया चाणक्य के नाम से भी जानती है।  उन्होंने अपनी नीतियों में एक सफल जीवन जीने के कई मंत्र दिए हैं।

आचार्य  विष्णुगुप्त जिन्हें दुनिया चाणक्य के नाम से भी जानती है।  उन्होंने अपनी नीतियों में एक सफल जीवन जीने के कई मंत्र दिए हैं।  

उनकी बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं, जितनी ये उनके अपने वक्त में थी। आचार्य चाणक्य की बातों को यदि अपने जीवन

उनकी बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं, जितनी ये उनके अपने वक्त में थी। आचार्य चाणक्य की बातों को यदि अपने जीवन  

में आत्मसात किया जाए जो जीवन में सफलता हमेशा आपके कदम चूमेगी। बुद्धिमान बनने के

में आत्मसात किया जाए जो जीवन में सफलता हमेशा आपके कदम चूमेगी। बुद्धिमान बनने के  

लिए आइए जानते हैं आज की चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने कौन सी बातों को सुझाया है।  

लिए आइए जानते हैं आज की चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने कौन सी बातों को सुझाया है।   

'थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सुनना- ये बुद्धिमान बनने के लिए उपाय है।' आचार्य चाणक्य

'थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सुनना- ये बुद्धिमान बनने के लिए उपाय है।' आचार्य चाणक्य 

अपने नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब बताया है। उन्होंने बताया है कि बुद्धिमान बनने के लिए चार चीजों

अपने नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब बताया है। उन्होंने बताया है कि बुद्धिमान बनने के लिए चार चीजों 

का होना बहुत जरूरी है। ये चार चीजें थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सुनना हैं।

का होना बहुत जरूरी है। ये चार चीजें थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सुनना हैं।