Chanakya Niti: चाणक्य ने एक श्लोक के माध्यम से बताया है कि किस स्थिति में व्यक्ति को दूसरों के पाप का परिणाम भोगना पड़ता है.

शास्त्र और गुरुण पुराण दोनों में बताया गया है कि व्यक्ति को उसके पिछले जन्म और 

वर्तमान युग में कर्म के हिसाब से उसकी सजा तय होती है. आचार्य चाणक्य के अनुसार 

व्यक्ति को अपने कर्मों के अलावा दूसरों की गलती का भी खामियाजा भुगनता पड़ता है. चाणक्य ने एक  

श्लोक के माध्यम से बताया है कि किस स्थिति में व्यक्ति को दूसरों के पाप का परिणाम भोगना पड़ता है. 

चाणक्य ने श्लोक में बताया है कि अगर किसी देश की जनता सामूहिक तौर पर कोई गलत काम करती है 

तो इसका नाकारात्मक असर उस देश के मुखिया और शासन पर पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि शासन और  

उस देश के प्रधान जनता को गलत काम करने से रोके. उदाहरण के लिए अगर किसी संस्थान के 

कर्मचारी गलती करते हैं तो टीम लीडर के साथ उस ऑफिस के मुखिया को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. 

जब के पत्नी कोई गलत कार्य करती है तो खुद के साथ उसके पति को भी नुकसान उठाना पड़ता है.