मां के गर्भ में ही तय होते हैं शिशु की किस्मत के ये फैसले, क्या कहती है चाणक्य नीति

आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान तो थे ही साथ ही वे एक अच्छे शिक्षक भी थे। 

इन्होंने विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की और वहीं पर आचार्य के पद पर  

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया। ये एक कुशल कूटनीतिज्ञ, रणनीतिकार और अर्थशास्त्री भी थे। आचार्य चाणक्य ने  

अपने जीवन में विषम से विषम परिस्थितियों का सामना किया था परंतु कभी हार नहीं मानी और  

अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। अगर कोई व्यक्ति की आचार्य चाणक्य की बातों का अनुसरण अपने जीवन में करता है, 

तो वह जीवन में कभी गलती नहीं करेगा और सफल मुकाम पर पहुंच सकता है। आचार्य चाणक्य की नीतियों 

के जब बच्चा अपनी मां के गर्भ में होता है तभी उसकी किस्मत का फैसला हो जाता है। आचार्य चाणक्य ने  

अपने नीति ग्रंथ में इस बात का उल्लेख किया है। चाणक्य के अनुसार 5 चीजें जन्म से पहले ही हर शिशु के भाग्य में लिख दी जाती है 

जिसे कोई चाह कर भी नहीं बदल सकता। इस श्लोक के जरिए आइए जानते हैं कौन सी  वो पांच चीजें हैं जो गर्भ में ही व्यक्ति के भाग्य से जुड़ जाती हैं।